Baatein Kuch Ankahee Si

बातें कुछ अनकहीं सी, आँखों के रस्ते बह सी गईं
दिल में तो था बहुत कुछ, पर इन लबों ने कुछ ना

हो, हो-हो-हो-हो
हो, हो-हो-हो-हो
हो, हो-हो-हो-हो
शायद यही है प्यार

कह दे मुझसे दिल में क्या है, ऐसा भी क्या ग़ुरूर?
तुझको भी तो हो रहा है थोड़ा असर ज़रूर
ये ख़ामोशी जीने ना दे, कोई तो बात हो

हो, हो-हो-हो-हो
हो, हो-हो-हो-हो
हो, हो-हो-हो-हो
शायद यही है प्यार

तू ही मेरी रोशनी है, तू ही चिराग़ है
धीरे-धीरे मिट जाएगा, हलका सा दाग है
ये ज़हर भी यूँ पिया है, जैसे शराब हो

हो, हो-हो-हो-हो
हो, हो-हो-हो-हो
हो, हो-हो-हो-हो
शायद यही है प्यार

बातें कुछ अनकहीं सी, मन में दबी सी रह सी गईं
धड़कन सुनता कोई तो, कब से है दिल में ठहरी हुई

हो, हो-हो-हो-हो
शायद यही है प्यार



Credits
Writer(s): Pritam Chakraborty, Sandeep Srivastava
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